नंगी रंडी भाभी की चुदाई देखी गैर मर्द से – Randi Bhabhi ki chudai

न्यूड भाभी का सेक्स सीन देख कर मैंने भाभी को चोदने का मन बना लिया था. लेकिन उससे पहले मैं भाभी की चुदाई और भाभी के पूरे नंगे बदन को एक बार और देखना चाहता था.

नमस्कार दोस्तो, मैं रजत दोबारा से आपका स्वागत करता हूँ।
आपने मेरी पहली कहानी
भाभी की चुदाई देखी पहली बार
पढ़ी.
इससे आपको पता ही है कि मेरी सगी भाभी कैसे चुदी थी मोहन नाम के मिस्तरी से!

उस दिन मैं उसी न्यूड भाभी का सेक्स सीन के बारे में सोच सोच कर अपना वक़्त बिता रहा था और रिकॉर्डिंग वाली वीडियो में भाभी की चुदाई देख के अपना सारा पानी निकाल रहा था.
उसी दिन मेरे लंड का बुरा हाल था.
भाभी की नंगी गांड मेरे सामने झूल रही थी.

रात को जब मैं खाना खाने गया तो मैं भाभी को ध्यान से देख रहा था और उन्हें नंगी इमेजिन कर रहा था.
खासकर भाभी की मस्त गांड …

भाभी भी बहुत खुश नजर आ रही थी.
ख़ुश होती भी क्यों ना, मस्त रंडियो की तरह चूत, गांड सब जो मन भर के मरवाई है.

मैंने खाना खाया और चुपचाप अपने रूम में चला गया।

तभी मैंने तो पूरा प्लान सोच लिया था कि भाभी को कैसे भी हाल में चोदना ही है चाहे जो हो जाए.
मेरी पूरी योजना तैयार थी.

मगर मैं भाभी और मोहन की और भी चुदाइयां देखना चाहता था.
उनकी उस दिन की चुदाई देखकर मुझे तो यह मालूम था कि कल भी भाभी की चूत गांड बजने वाली है.

लेकिन मुझे इस बार भाभी का नंगा बदन और नजदीक से और साफ देखना था.

तो इसका भी प्लान मैंने बना लिया.

मन में थोड़ी घबराहट तो थी.
मगर भाभी की गांड का सवाल था जिसे मैं कभी छोड़ नहीं सकता.
और ऐसा मौका बार बार नहीं मिलता.

रात को मेरी नींद खो चुकी थी.
उसके बारे में सोच सोच के और ब्लू फ़िल्म देखते देखते देर रात को मैं सो ही गया।

सुबह हुई और मैं तैयार था.

मुझे बस मोहन का इंतजार था.

9:30 के करीब सब काम करने वाले आ गए.
तो मैंने मोहन को बोला- यार मोहन, जरा आना, थोड़ा काम है.

मोहन दोनों मजदूरों को मसाला बनाने को बोल कर आया और बोला- बताइये भैया, क्या काम है?

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मैंने हिम्मत की अपने प्लान के अनुसार आगे बढ़ा और बोला- देख भाई, कल दोपहर को मैंने कुछ देखा ऊपर दो लोगों को जो मस्त अलग ही काम कर रहे थे.

इतना सुनने के बाद वह घबरा गया बहुत ज्यादा … और मेरे आगे हाथ पैर जोड़ने लगा.
वह बोला- भैया, मैंने अपने से कुछ नहीं किया. भाभी ने ही पहले शुरुआत की थी. अब नहीं करूँगा, माफ़ कर दो.
और वह माफ़ी मांगने लगा.

बहुत डर गया था मोहन।

मैं हँसा और अपने दिल की बात उसे बोला- देख भाई, डर मत! इस बात को मैं अपने तक ही रखूँगा. तुझे डरने की कोई जरूरत नहीं.

और यह सुनकर वह भी नॉर्मल होने लगा.
फिर मैं बोला- इस बात को हम दोनों तक ही रखना.

और मैंने उसे बता दिया- मैं भी भाभी को चोदना चाहता हूँ. मगर मैं डरता था कि भाभी किसी को बोल ना दे. तो इसलिए अभी तक कुछ नहीं बोला. भाभी मुझे शरीफ लगती थी. लेकिन कल मैंने भाभी का असली रूप देखा और मेरा लंड भी उसके अंदर जाना चाहता है.

मोहन हंसने लगा और बोला- सही में भैया?
मैं- हाँ यार … और इसमें तू मेरी मदद करेगा. ठीक है?

मोहन बोला- पर कैसे भैया?
मैं बोला- आज तो नहीं चोदूँगा लेकिन कल पक्का चोदूँगा.

मोहन बोला- तो भैया, आज क्या करोगे?
तो मैंने उसे सारा प्रोग्राम समझा दिया कि मुझे नंगी भाभी को नजदीक से देखना है.

मैंने उसे कहा- और आज तुझे भाभी को और बुरी तरह से चोदना पड़ेगा. मुझे भाभी की को चुदाई देखने में बड़ा मजा आया था कल! बोल करेगा ना?
मोहन बोला- भैया, हो तो जायेगा. पर ज्यादा आवाज होगी तो लोग देखने आ जायेंगे. तब खेल बिगड़ेगा ना! और आप पास से देखोगे कैसे?

मैंने उसे फिर समझाया- देख मोहन, तू भाभी को बोलना आज यहाँ नहीं करेंगे. और उन्हें पीछे वाला जो टूटा मकान है, वहाँ ले जाना. वहाँ से आवाज बाहर नहीं सुनेगी.

वह मान गया.

फिर मैं बोला- जब उसको तू चोद रहा होगा तो उस रंडी को पीछे मुड़ने मत देना. मैं पीछे से ही सारा नजारा देखूंगा.
वो भी बड़ा हरामी निकला, बहुत खुश नजर आ रहा था.

मैं बोला- मैं पहले दूर से देख रहा हूंगा. जब तुझे लगे कि अच्छा समय है तो मुझे इशारे से बता देना. मैं पास आ जाऊंगा न्यूड भाभी का सेक्स सीन का मजा लेने!

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मोहन ने सब बात मान ली और बोला- भैया, अगर भाभी ने देख लिया आपको तो?
मैं बोला- वो मैं अपने आप देख लूँगा. ठीक कर लूंगा. यार उसका टेंशन तू मत ले. तेरे ऊपर कोई बात नहीं आएगी.

वह ख़ुशी ख़ुशी बोला- भैया, वो तो आपकी सगी भाभी है फिर भी!
मैं बोला- सगी है तभी तो यार!

और तब मैंने उसे पूछा- तूने कैसे पटा लिया भाभी को?
वह हंसने लगा और उसने सब बताया.
यह मैं आपको अगली बार बताऊंगा कि कैसे पटी भाभी मोहन से!

और हम अंदर चले गए.
मोहन अपना काम करने चला गया.
लगभग 4:30 घंटे बाद सबका लंच टाइम हुआ.

मम्मी पापा, बच्चे सब कूलर के पास टीवी देखते देखते सो रहे थे.

भैया दुकान में थे, वे खाना खाकर चले गए थे.
भाभी अभी बर्तन धो रही थी.

मैं चुपके से ऊपर चले गया और मोहन भी तैयार था.
मैंने पूछा- तैयार?
वह बोला- बिल्कुल भैया!
मैं बोला- रंडी आती होगी. मैं इस ड्रम के पीछे हूँ.

वह बोला- भैया, मैं फोन करूँगा तो आएगी.
मैं उससे बोला- वाह भैया नम्बर वम्बर सब ले रखा है!

तब मैंने उसे कॉल करने को बोला.
उसने कॉल किया, भाभी ने झट से उठा लिया और बोली- 2 मिनट रुको, आती हूँ.

मोहन नीचे देखने लगा.

2-3 मिनट बाद उसने मुझे बोला- आ रही है!

मैं झट से ड्रम के पीछे चला गया.

भाभी आयी और सीधे मोहन के गले मिली.
फिर एक लिप किस की.

मोहन बोला भाभी से- आज यहाँ नहीं भाभी जी! घर के पीछे वाले पुराने घर में चलें? यहाँ डर लगता है कि कभी कोई देख ना ले.
भाभी भी बोली- बोल तो सही रहे हो. पहले आप जाना.

और भाभी बाहर निकल कर चारों ओर देखने लगी.

मोहन जल्दी से चला गया और मैं भी किनारे से मौका देखकर चला गया.
मोहन वहाँ पहुँच कर खड़ा था.

मैंने तुरंत उसे बोला- तू उसे बड़े वाले रूम में चोदना. और याद रहे भाभी का पिछवाड़ा दरवाजे की ओर हो. मैं वहीं से देखूंगा. और जब तू रेडी होगा, मुझे इशारा कर देना दीवाल पे दो बार थाप मारना, मैं समझ जाऊंगा.
मोहन बोला- ओके भैया.

मैं बगल के रूम में लटके पोस्टर के पीछे छुप गया.

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2-3 मिनट बाद ही भाभी झाड़ू लेकर वहाँ आयी ताकि लोग जो देखें, उनको लगे कि झाड़ू लगाने जा रही है.

और आते ही भाभी ने दरवाजा बंद कर दिया और रूम में चली गयी.

मैं धीरे धीरे दीवाल के नजदीक गया और सुनने लगा.
एक एक बात सुनाई दे रही थी.
भाभी जल्दी करने को बोल रही थी.

फिर 5 मिनट बाद दीवाल पे दो थाप पड़ी.
मैं समझ गया कि टाइम हो गया.

मैंने चुपके से दरवाजे से झांका तो न्यूड भाभी का सेक्स सीन देख मेरे होश ही उड़ गए.

भाभी पूरी नंगी थी और कुतिया बन के मोहन का लंड चूस रही थी.
पहली बार किसी औरत का नंगा बदन इतने नजदीक से देख रहा था.
साली रंडी की गांड … वाह … मजा ही आ गया.

गोरी गांड के बीच एक काला सा छेद … क्या लग रही थी.

भाभी की गांड की मैंने काफी पिक्स और वीडियो ली और पीछे हो गया.

इस बार मोहन जो चोद रहा था ना … पूछो मत … मजा आ गया.
पूरा रूम ‘फट फट फट फट फट फट फट’ की आवाज से भर गया था.

और भाभी भी चिखी जा रही थी- अहह आह हहह उह्ह ऐईईईई याआआ धीरे ईई!

सुन के, देख के बड़ा मजा आ रहा था.

इस बार मोहन जल्दी झड़ गया.
फुल स्पीड से जो कर रहा था.

10 मिनट बाद भाभी ने कपड़े पहने और चली गयी.
और तब मैं अंदर घुसा और पूछने लगा- कैसा लगा, कितना मजा आया?

उसने मुझे सारी बात बताई.

अगली कहानी की प्रतीक्षा कीजिएगा.
तब तक इस न्यूड भाभी का सेक्स सीन की कहानी पर अपने विचार मुझे भेजिए.
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